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पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संयुक्त तत्वावधान में आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजूर में जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जतिंदरपाल सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार तथा बस्तर संभाग अध्यक्ष श्री जगमोहन सोनी के नेतृत्व में "सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य" विषय पर पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संयुक्त तत्वावधान में आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजूर में विद्यार्थियों के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, मोबाइल के संतुलित उपयोग तथा मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का आयोजन NHRCCB के जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्री प्रद्युम्न शुक्ल तथा NHRCCB की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, सड़क सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला एवं बाल संरक्षण, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें कानून के प्रति जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात शाखा कांकेर की ओर से रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी श्री दीपक साव ने सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है तथा छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुर्रे ने विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया। एसडीओपी श्री कुलदीप बंजारे ने साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को OTP, बैंकिंग विवरण, पासवर्ड एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की सलाह दी। थाना प्रभारी श्री तेज वर्मा (पखांजूर) एवं थाना प्रभारी श्री अनिल पालेश्वर (बड़गांव) ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार मानने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। NHRCCB के जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्री प्रद्युम्न शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और नैतिक शिक्षा ही एक सशक्त एवं सुरक्षित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार, विद्यालय और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। महिला रक्षा टीम, कांकेर की ओर से महिला प्रधान आरक्षक शौसिल्या टेकाम एवं महिला आरक्षक नीलू कोमरे ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, आत्मरक्षा एवं आत्मविश्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना किसी भय के अपने माता-पिता, शिक्षक, पुलिस अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तत्काल सूचना देने का संदेश दिया। इस अवसर पर आरक्षक पूरन सिंह मण्डावी एवं आरक्षक मंजीत जुर्री ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक एवं शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रखने तथा खेलकूद, पुस्तक अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों में अधिक समय देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों एवं महिला रक्षा टीम द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया। इससे विद्यार्थियों में कानून, सुरक्षा, मानवाधिकार एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई। इस अवसर पर आराधना कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर मरिया, उप-प्राचार्य सिस्टर ट्रेसा, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने स्वयं जागरूक रहने, दूसरों को भी जागरूक करने तथा कानून, मानवाधिकार एवं सामाजिक मूल्यों का पालन करते हुए एक सुरक्षित, शिक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। #NHRCCB #HumanRights See less

एनएचआरसीसीबी असम टीम एवं गोलाघाट जेल मार्केट के व्यवसायियों के सहयोग से देरगांव निर्वाचन क्षेत्र के द्वारकामाई में बाढ़ राहत शिविर आयोजित

गोलाघाट (असम), 02 अगस्त 2026। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) की असम राज्य इकाई द्वारा गोलाघाट जेल मार्केट के व्यवसायियों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित देरगांव (Dergaon) विधानसभा क्षेत्र के द्वारकामाई में एक विशेष बाढ़ राहत एवं स्वास्थ्य सहायता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ पहुँचाना था। असम में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने देरगांव निर्वाचन क्षेत्र के द्वारकामाई सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण 72 से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जलभराव के बाद क्षेत्र में जलजनित बीमारियों, स्वच्छ पेयजल की कमी, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप तथा स्वच्छता संबंधी गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो गई हैं। ऐसे कठिन समय में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए एनएचआरसीसीबी असम टीम ने राहत अभियान चलाया। राहत शिविर के दौरान प्रभावित परिवारों के बीच 300 पैकेट ओआरएस, 150 सैनिटरी पैड, 150 क्लोबेटा जेल, 150 बोतल फिनाइल लिक्विड, 150 पैकेट सर्फ एक्सेल डिटर्जेंट, 300 सर्जिकल मास्क, 300 बोतल मिनरल वाटर, 150 पैकेट मैरी गोल्ड बिस्कुट, 150 पैकेट मच्छर अगरबत्ती, 150 पैकेट मोमबत्तियाँ तथा बुखार, गैस्ट्रिक एवं दस्त (डायरिया) से संबंधित आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों का वितरण किया गया। राहत शिविर को सफल बनाने में श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, असम), श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव), सुश्री ज्योतिका दुवाराह (जिला महासचिव), सुश्री मयूराक्षी कोलिता (सक्रिय सदस्य) तथा सुश्री कमलजीत कौर (सक्रिय सदस्य) की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ितों की सहायता करना मानवता की सच्ची सेवा है। संगठन मानवाधिकारों की रक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी राहत, पुनर्वास एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे अभियान निरंतर संचालित करता रहेगा। एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने इस राहत अभियान में सहयोग देने वाले गोलाघाट जेल मार्केट के सभी व्यवसायियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता से आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिलेगी।

हरियाणा के पांच जिलों के सरकारी विद्यालयों में घटिया गुड़ एवं राशन आपूर्ति का मामला, मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने जताई कड़ी आपत्ति

हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अमरनाथ ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील हेतु घटिया गुणवत्ता का गुड़ एवं राशन सामग्री भेजे जाने संबंधी समाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा संज्ञान लिया है। प्रकाशित समाचार के अनुसार हरियाणा के पांच जिलों के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के मिड-डे मील के लिए निम्न गुणवत्ता का गुड़ एवं राशन भेजा गया। कई विद्यालयों में 20 किलोग्राम से लेकर 50 किलोग्राम तक खराब एवं अनुपयोगी गुड़ की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह अत्यंत गंभीर विषय है, क्योंकि इससे हजारों स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। श्री अमरनाथ ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित विभागों की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। घटिया खाद्य सामग्री की आपूर्ति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का भी गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा अप्रैल 2026 में हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत संख्या 738/7/0/2026 प्रस्तुत की गई थी। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, हरियाणा, पंचकूला से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। ब्यूरो ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि— 1. दोषी अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं एवं ठेकेदारों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। 2. सभी प्रभावित विद्यालयों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की तत्काल जांच कर विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाए। 3. राशन की खरीद, गुणवत्ता परीक्षण एवं वितरण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हरियाणा प्रदेश मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मानवाधिकारों से जुड़े प्रत्येक मामले पर संगठन सतत निगरानी रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी एवं संवैधानिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जारीकर्ता: हरियाणा प्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के गेट-टु-गेदर समारोह में शामिल हुए विधायक सरयू रॉय, मानवाधिकार संरक्षण के प्रयासों की सराहना

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 02.08.2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के कोल्हान प्रमंडल द्वारा जी टाउन क्लब, जमशेदपुर के उत्सव हॉल में एक भव्य गेट-टु-गेदर एवं सम्मान समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री सरयू रॉय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में माननीय विधायक श्री सरयू रॉय ने मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाजहित में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने तथा नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन करने का सुझाव देते हुए संगठन को हरसंभव सहयोग एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस अवसर पर झारखंड राज्य उपाध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह, कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष श्री धनंजय कुमार शर्मा, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष श्री अजित शर्मा, राष्ट्रीय सह सचिव श्री विनय चंद्रा तथा जिला अध्यक्ष सुश्री पूजा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्वी सिंहभूम के जिला सचिव श्री राजदीप सेन एवं सरायकेला-खरसावां की जिला सचिव सुश्री अंजली शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। समारोह के दौरान संगठन के सदस्यों के बीच आपसी समन्वय, संगठनात्मक मजबूती तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। मानवाधिकार संरक्षण, अपराध नियंत्रण, सामाजिक जागरूकता एवं जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। यह आयोजन संगठन के सदस्यों के उत्साहवर्धन, मानवाधिकारों के संरक्षण, अपराध नियंत्रण के प्रति जनजागरूकता तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। जारीकर्ता PR Team National Human Rights & Crime Control Bureau (NHRCCB)

एनएचआरसीसीबी असम टीम एवं गोलाघाट जेल मार्केट के व्यवसायियों के सहयोग से देरगांव निर्वाचन क्षेत्र के द्वारकामाई में बाढ़ राहत शिविर आयोजित

गोलाघाट (असम), 02 अगस्त 2026। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) की असम राज्य इकाई द्वारा गोलाघाट जेल मार्केट के व्यवसायियों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित देरगांव (Dergaon) विधानसभा क्षेत्र के द्वारकामाई में एक विशेष बाढ़ राहत एवं स्वास्थ्य सहायता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ पहुँचाना था। असम में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने देरगांव निर्वाचन क्षेत्र के द्वारकामाई सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण 72 से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जलभराव के बाद क्षेत्र में जलजनित बीमारियों, स्वच्छ पेयजल की कमी, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप तथा स्वच्छता संबंधी गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो गई हैं। ऐसे कठिन समय में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए एनएचआरसीसीबी असम टीम ने राहत अभियान चलाया। राहत शिविर के दौरान प्रभावित परिवारों के बीच 300 पैकेट ओआरएस, 150 सैनिटरी पैड, 150 क्लोबेटा जेल, 150 बोतल फिनाइल लिक्विड, 150 पैकेट सर्फ एक्सेल डिटर्जेंट, 300 सर्जिकल मास्क, 300 बोतल मिनरल वाटर, 150 पैकेट मैरी गोल्ड बिस्कुट, 150 पैकेट मच्छर अगरबत्ती, 150 पैकेट मोमबत्तियाँ तथा बुखार, गैस्ट्रिक एवं दस्त (डायरिया) से संबंधित आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों का वितरण किया गया। राहत शिविर को सफल बनाने में श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, असम), श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव), सुश्री ज्योतिका दुवाराह (जिला महासचिव), सुश्री मयूराक्षी कोलिता (सक्रिय सदस्य) तथा सुश्री कमलजीत कौर (सक्रिय सदस्य) की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ितों की सहायता करना मानवता की सच्ची सेवा है। संगठन मानवाधिकारों की रक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी राहत, पुनर्वास एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे अभियान निरंतर संचालित करता रहेगा। एनएचआरसीसीबी असम राज्य इकाई ने इस राहत अभियान में सहयोग देने वाले गोलाघाट जेल मार्केट के सभी व्यवसायियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता से आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिलेगी। जारीकर्ता राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) असम राज्य इकाई

NHRCCB द्वारा भाभा पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

भाभा पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानव तस्करी, साइबर सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता का दिया गया संदेश धनवार (गिरिडीह), 30 जुलाई। अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर राजधनवार स्थित भाभा पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय मानवाधिकार अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के तत्वावधान में एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें सुरक्षित, सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धनवार थाना प्रभारी श्री ब्रजेश कुमार ने कहा कि मानव तस्करी आज समाज के समक्ष एक गंभीर चुनौती है, जिससे मुकाबला करने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता और समय पर सूचना देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रलोभन में नहीं आने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को देने की अपील की। विशिष्ट अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) श्री अरविंद कुमार ने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का उपयोग करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। NHRCCB के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सिकंदर प्रसाद वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी प्रश्न है। यदि परिवार, विद्यालय और समाज मिलकर बच्चों को सही दिशा और संस्कार दें, तो इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों से साझा करने का आग्रह किया। NHRCCB के मीडिया ऑफिसर श्री विष्णु कुमार बरनवाल ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित, जिम्मेदार और सीमित उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी अनजान लिंक, कॉल, ओटीपी या ऑनलाइन प्रलोभन से सावधान रहने की सलाह दी। प्रदेश मीडिया पदाधिकारी श्री पवन कुमार बरनवाल ने कहा कि जागरूकता ही मानव तस्करी के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा घटना दिखाई दे तो उसे अनदेखा न करें, बल्कि तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। समय पर दी गई एक सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है। विद्यालय के निदेशक श्री रविंद्रनाथ सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। यही मूल्य उन्हें मानव तस्करी, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखने में सहायक होंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत मानव तस्करी एवं साइबर सुरक्षा विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को NHRCCB की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम को विद्यालय के सचिव श्री शत्रुघ्न सिंह, युवा व्यवसायी एवं समाजसेवी श्री अंजय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर श्री चंद्रकांत श्रीवास्तव, श्री राहुल कुमार, श्री उमेश कुमार सिन्हा, श्री सूरज कुमार सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय मानवाधिकार अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) ने इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों से मानव तस्करी, बाल संरक्षण एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया तथा ऐसे कार्यक्रमों को समाज में सुरक्षित और जागरूक वातावरण निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

डॉ. रणधीर के पहल पर भारी स्कूल बैग के विरुद्ध राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई, NHRC ने राज्यों, NCERT और CBSE को किया तलब।

डॉ. रणधीर के पहल पर भारी स्कूल बैग के विरुद्ध राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई, NHRC ने राज्यों, NCERT और CBSE को किया तलब। भारी स्कूल बैग पर NHRC का बड़ा एक्शन! डॉ. रणधीर कुमार की शिकायत के बाद पूरे देश में मचा प्रशासनिक हलचल । देशभर में भारी स्कूल बैग के खिलाफ NHRC सक्रिय, डॉ. रणधीर कुमार की पहल पर राज्यों से मांगी जवाबदेही । NHRCCB की पहल पर NHRC ने राज्यों, NCERT, CBSE एवं शिक्षा मंत्रालय से मांगी विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट रांची/नई दिल्ली। देशभर के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित शिक्षा के अधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण जनहित विषय पर नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) की पहल को बड़ी सफलता मिली है। NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार द्वारा निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के अत्यधिक भारी स्कूल बैग के संबंध में प्रस्तुत शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत संज्ञान लिया है। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि देश के अनेक निजी विद्यालय एनसीईआरटी एवं सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी अनुपालन नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों के स्कूल बैग उनके शरीर के वजन के निर्धारित अनुपात से अधिक भारी हो रहे हैं। यह स्थिति बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, रीढ़ की हड्डी, कंधों तथा समग्र शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जो उनके सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा के अधिकार से भी जुड़ा विषय है। दिनांक 07 जनवरी 2026 को माननीय सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासकों, एनसीईआरटी के निदेशक तथा सीबीएसई के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया। आयोग ने शिकायत में लगाए गए तथ्यों की जांच कर कार्रवाई प्रतिवेदन (Action Taken Report) आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बाद में आयोग को सीबीएसई तथा 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से कार्रवाई प्रतिवेदन प्राप्त हुए। उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा के उपरांत आयोग ने जिन राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुए थे, उन्हें पुनः निर्देश जारी किए। साथ ही एनसीईआरटी को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 29 के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। आयोग ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सचिव को भी निर्देशित किया कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या राज्य शिक्षा बोर्डों एवं सीबीएसई को आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 29 के अनिवार्य अनुपालन के संबंध में कोई निर्देश जारी किए गए हैं। इस विषय पर आयोग ने चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस करवाई पर डॉ. रणधीर कुमार ने कहा.... NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि "बच्चों का स्वस्थ, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण बचपन प्रत्येक समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, न कि उन पर अनावश्यक शारीरिक बोझ डालना। यदि विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके शिक्षा के अधिकार दोनों को प्रभावित करता है।" उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले में संज्ञान लेकर राज्यों, एनसीईआरटी, सीबीएसई एवं शिक्षा मंत्रालय से रिपोर्ट तलब किया जाना बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आयोग के निर्देशों के बाद देशभर में निर्धारित मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित होगा तथा विद्यार्थियों को अनावश्यक शैक्षणिक बोझ से राहत मिलेगी। NHRCCB की प्रतिबद्धता नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) ने स्पष्ट किया है कि संगठन बच्चों के अधिकार, शिक्षा के अधिकार, मानवाधिकार संरक्षण तथा जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर सक्रिय रूप से कार्य करता रहेगा। संगठन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज कराना नहीं, बल्कि संबंधित संस्थाओं के माध्यम से प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। NHRCCB ने देशभर के अभिभावकों, शिक्षकों एवं नागरिकों से भी अपील की है कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मानवाधिकारों से जुड़े किसी भी गंभीर विषय की जानकारी संगठन को उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यकतानुसार संबंधित सक्षम प्राधिकारों के समक्ष प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा सके। PR Team

A delegation of National Human Rights and Crime Control Bureau, Golaghat District Committee submitted a memorandum of 6 proposals on various problems and frequent incidents in Golaghat city .

A delegation of National Human Rights and Crime Control Bureau, Golaghat District Committee submitted a memorandum of 6 proposals on various problems and frequent incidents in Golaghat city to the Golaghat District Commissioner today and discussed the issues mentioned in the memorandum. The Hon'ble District Commissioner took every issue seriously and assured to work together in the future.The entire today's program was attended by Hon'ble Members of Golaghat District Committee NHRCCB, Senior Pobitra Boruah,District President Gayatri Boruah,Vice President Soneswar Barhoi and Secretary Jyotika Duwara.

गोलाघाट में विश्व पर्यावरण दिवस पर एनएचआरसीसीबी और 142 बटालियन सीआरपीएफ ने किया भव्य वृक्षारोपण

राष्ट्रीय मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)* के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एक व्यापक वृक्षारोपण और स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी कार्यक्रम 142 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडेंट श्री उपेंद्र सिंह एवं विवेकानंद केंद्र के विशेष सहयोग (कोलाबरेशन) से संपन्न हुआ। सुबह 7:00 बजे: ओल्ड आमला पट्टी एमई स्कूल में अभियान की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान का शुभारंभ सुबह ठीक 7:00 बजे ओल्ड आमला पट्टी एमई स्कूल परिसर में हुआ। यहाँ संस्था के पदाधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने मिलकर न केवल सघन वृक्षारोपण किया, बल्कि स्कूल परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर समाज को साफ-सफाई का संदेश भी दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विवेकानंद केंद्र (रंगपुर) की प्रभारी मनीषा सैकिया और वरिष्ठ पत्रकार व जेष्ठ संवादक श्री अपूर्वा वल्लभ गोस्वामी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। सुबह 8:00 बजे: सीआरपीएफ कैंप में रोपे गए पौधे स्कूल में कार्यक्रम संपन्न करने के बाद, सुबह 8:00 बजे यह अभियान गोलाघाट स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचा। यहाँ भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर 142 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट श्री उपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों और पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। पर्यावरण दिवस पर अपना संदेश देते हुए उन्होंने कहा: "प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज रोपे गए ये पौधे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर कल देंगे। इस तरह के सामाजिक प्रयास सराहनीय हैं।" कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख पदाधिकारी इस गरिमामयी आयोजन में एनएचआरसीसीबी (NHRCCB) के कई शीर्ष और स्थानीय पदाधिकारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: श्री संतोष कुमार कानू (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव) श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव) श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष) श्री अंबरीश शर्मा (संभागीय उपाध्यक्ष) गायत्री बरुआ (जिला अध्यक्ष) पवित्र बरुआ (सदस्य) भारतीय बरुआ (सदस्य) कार्यक्रम के अंत में प्रदेश महासचिव मनीष कुमार गुप्ता ने सीआरपीएफ, विवेकानंद केंद्र और आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी पर्यावरण और समाज हित के कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।

NHRCCB के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौंपा विस्तृत ज्ञापन*

प्रेस विज्ञप्ति *NHRCCB के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौंपा विस्तृत ज्ञापन* *मानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा एवं सुशासन को लेकर NHRCCB ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन * *राज्य में मानवाधिकार व्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग, NHRCCB प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की भेंट* *NHRCCB ने उठाई जनहित और मानवाधिकार की आवाज, राज्यपाल को सौंपा 9 सूत्री ज्ञापन* *मानवाधिकार, महिला सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों पर NHRCCB का हस्तक्षेप, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन* *महिला सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, जेल सुधार, अपराध नियंत्रण, मानवाधिकार शिक्षा एवं राज्य मानवाधिकार आयोग को सशक्त बनाने की मांग; राज्यपाल से सकारात्मक हस्तक्षेप का आग्रह* रांची, 03 जून 2026 नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) के राष्ट्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय राज्यपाल महोदय से शिष्टाचार भेंट कर राज्यहित, जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में मानवाधिकार संरक्षण को सुदृढ़ बनाने, महिला एवं बाल सुरक्षा, आदिवासी अधिकारों की रक्षा, अपराध नियंत्रण, जेल सुधार, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मानवाधिकार शिक्षा के विस्तार तथा संस्थागत मानवाधिकार तंत्र को मजबूत करने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व NHRCCB झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह ने किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री विनय चंद्रा (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव), श्री धनंजय शर्मा (जिला अध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम), श्री सुमित शर्मा (जिला उपाध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम) एवं श्री मानस पॉल (जिला महासचिव, पूर्वी सिंहभूम) शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल को अवगत कराया कि NHRCCB वर्ष 2017 से मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल अधिकार, विधिक जागरूकता, अपराध नियंत्रण तथा जनसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में हजारों मानवाधिकार जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जनसंवाद एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अधिवेशनों का आयोजन किया गया है। वर्तमान में संगठन के 25,000 से अधिक पदाधिकारी, सदस्य एवं स्वयंसेवक देशभर में मानवाधिकार जागरूकता और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि NHRCCB द्वारा वर्ष 2022, 2023 एवं 2026 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशनों ने संगठन को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। इन अधिवेशनों में विभिन्न देशों के मानवाधिकार विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर मानवाधिकार संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया। ज्ञापन में राज्य के समक्ष उपस्थित अनेक महत्वपूर्ण मानवाधिकार चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग को पूर्णतः सक्रिय एवं सशक्त बनाने की मांग की। आयोग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण तथा आयोग को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं, बच्चों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति, वंचित वर्गों एवं बंदियों से जुड़े मानवाधिकार मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने तथा मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर पीड़ितों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की मांग भी की। इस दौरान राज्य में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध एवं मानव तस्करी के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल ने होटवार केंद्रीय कारागार से जुड़े महिला उत्पीड़न प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही राज्य की सभी जेलों में महिला सुरक्षा मानकों की समीक्षा किए जाने का आग्रह भी किया गया। ज्ञापन में जेल सुधार को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रतिनिधिमंडल ने सभी कारागारों में जेल मैनुअल के प्रभावी अनुपालन, बंदियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कानूनी सहायता की उपलब्धता तथा जेलों के नियमित मानवाधिकार निरीक्षण एवं सामाजिक अंकेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। NHRCCB ने पुलिस-जन संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना स्तर पर नियमित पुलिस-जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। संगठन ने सुझाव दिया कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं मानवाधिकार संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि पुलिस एवं जनता के मध्य विश्वास और सहयोग का वातावरण विकसित हो सके। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में साइबर अपराध, नशा तस्करी, मानव तस्करी एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे एवं अपराध से दूर रखने हेतु व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त खनन, औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा, रोजगार एवं प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित करने की मांग की। शिक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में NHRCCB ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र मानवाधिकार विभाग स्थापित करने तथा मानवाधिकार विषय में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया। साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में मानवाधिकार सेल गठित कर मानवाधिकार संरक्षण एवं छात्र अधिकारों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। ज्ञापन में राज्य के प्रत्येक जिले में जिला मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ की स्थापना की मांग भी शामिल थी, जिससे जिला स्तर पर मानवाधिकार शिकायतों का त्वरित समाधान एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया जा सके। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि NHRCCB का दृढ़ विश्वास है कि मानवाधिकार केवल संवैधानिक एवं कानूनी विषय नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, सुशासन, सामाजिक न्याय एवं मानवीय गरिमा की मूल आधारशिला हैं। संगठन राज्य सरकार, प्रशासन, पुलिस विभाग, विश्वविद्यालयों एवं नागरिक समाज के साथ समन्वय स्थापित कर मानवाधिकार संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में सकारात्मक एवं रचनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया कि ज्ञापन में उल्लिखित विषयों पर आवश्यक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएं ताकि राज्य में मानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा, सामाजिक न्याय एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। माननीय राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा प्रस्तुत ज्ञापन को संबंधित स्तर पर विचारार्थ अग्रेषित करने एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। जारीकर्ता : मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) "जन-जन का अधिकार – मानवाधिकार" राष्ट्रीय कार्यालय www.nhrccb.org nhrccbofficial@gmail.com

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