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गोलाघाट में विश्व पर्यावरण दिवस पर एनएचआरसीसीबी और 142 बटालियन सीआरपीएफ ने किया भव्य वृक्षारोपण

राष्ट्रीय मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)* के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एक व्यापक वृक्षारोपण और स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी कार्यक्रम 142 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडेंट श्री उपेंद्र सिंह एवं विवेकानंद केंद्र के विशेष सहयोग (कोलाबरेशन) से संपन्न हुआ। सुबह 7:00 बजे: ओल्ड आमला पट्टी एमई स्कूल में अभियान की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान का शुभारंभ सुबह ठीक 7:00 बजे ओल्ड आमला पट्टी एमई स्कूल परिसर में हुआ। यहाँ संस्था के पदाधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने मिलकर न केवल सघन वृक्षारोपण किया, बल्कि स्कूल परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर समाज को साफ-सफाई का संदेश भी दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विवेकानंद केंद्र (रंगपुर) की प्रभारी मनीषा सैकिया और वरिष्ठ पत्रकार व जेष्ठ संवादक श्री अपूर्वा वल्लभ गोस्वामी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। सुबह 8:00 बजे: सीआरपीएफ कैंप में रोपे गए पौधे स्कूल में कार्यक्रम संपन्न करने के बाद, सुबह 8:00 बजे यह अभियान गोलाघाट स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचा। यहाँ भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर 142 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट श्री उपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों और पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। पर्यावरण दिवस पर अपना संदेश देते हुए उन्होंने कहा: "प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज रोपे गए ये पौधे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर कल देंगे। इस तरह के सामाजिक प्रयास सराहनीय हैं।" कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख पदाधिकारी इस गरिमामयी आयोजन में एनएचआरसीसीबी (NHRCCB) के कई शीर्ष और स्थानीय पदाधिकारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: श्री संतोष कुमार कानू (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव) श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव) श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष) श्री अंबरीश शर्मा (संभागीय उपाध्यक्ष) गायत्री बरुआ (जिला अध्यक्ष) पवित्र बरुआ (सदस्य) भारतीय बरुआ (सदस्य) कार्यक्रम के अंत में प्रदेश महासचिव मनीष कुमार गुप्ता ने सीआरपीएफ, विवेकानंद केंद्र और आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी पर्यावरण और समाज हित के कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।

NHRCCB के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौंपा विस्तृत ज्ञापन*

प्रेस विज्ञप्ति *NHRCCB के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सौंपा विस्तृत ज्ञापन* *मानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा एवं सुशासन को लेकर NHRCCB ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन * *राज्य में मानवाधिकार व्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग, NHRCCB प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की भेंट* *NHRCCB ने उठाई जनहित और मानवाधिकार की आवाज, राज्यपाल को सौंपा 9 सूत्री ज्ञापन* *मानवाधिकार, महिला सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों पर NHRCCB का हस्तक्षेप, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन* *महिला सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, जेल सुधार, अपराध नियंत्रण, मानवाधिकार शिक्षा एवं राज्य मानवाधिकार आयोग को सशक्त बनाने की मांग; राज्यपाल से सकारात्मक हस्तक्षेप का आग्रह* रांची, 03 जून 2026 नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) के राष्ट्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय राज्यपाल महोदय से शिष्टाचार भेंट कर राज्यहित, जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में मानवाधिकार संरक्षण को सुदृढ़ बनाने, महिला एवं बाल सुरक्षा, आदिवासी अधिकारों की रक्षा, अपराध नियंत्रण, जेल सुधार, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मानवाधिकार शिक्षा के विस्तार तथा संस्थागत मानवाधिकार तंत्र को मजबूत करने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व NHRCCB झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह ने किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री विनय चंद्रा (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव), श्री धनंजय शर्मा (जिला अध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम), श्री सुमित शर्मा (जिला उपाध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम) एवं श्री मानस पॉल (जिला महासचिव, पूर्वी सिंहभूम) शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल को अवगत कराया कि NHRCCB वर्ष 2017 से मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल अधिकार, विधिक जागरूकता, अपराध नियंत्रण तथा जनसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में हजारों मानवाधिकार जागरूकता अभियान, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जनसंवाद एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अधिवेशनों का आयोजन किया गया है। वर्तमान में संगठन के 25,000 से अधिक पदाधिकारी, सदस्य एवं स्वयंसेवक देशभर में मानवाधिकार जागरूकता और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि NHRCCB द्वारा वर्ष 2022, 2023 एवं 2026 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशनों ने संगठन को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। इन अधिवेशनों में विभिन्न देशों के मानवाधिकार विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर मानवाधिकार संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया। ज्ञापन में राज्य के समक्ष उपस्थित अनेक महत्वपूर्ण मानवाधिकार चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग को पूर्णतः सक्रिय एवं सशक्त बनाने की मांग की। आयोग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण तथा आयोग को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं, बच्चों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति, वंचित वर्गों एवं बंदियों से जुड़े मानवाधिकार मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने तथा मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर पीड़ितों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की मांग भी की। इस दौरान राज्य में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध एवं मानव तस्करी के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल ने होटवार केंद्रीय कारागार से जुड़े महिला उत्पीड़न प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही राज्य की सभी जेलों में महिला सुरक्षा मानकों की समीक्षा किए जाने का आग्रह भी किया गया। ज्ञापन में जेल सुधार को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रतिनिधिमंडल ने सभी कारागारों में जेल मैनुअल के प्रभावी अनुपालन, बंदियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कानूनी सहायता की उपलब्धता तथा जेलों के नियमित मानवाधिकार निरीक्षण एवं सामाजिक अंकेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। NHRCCB ने पुलिस-जन संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना स्तर पर नियमित पुलिस-जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। संगठन ने सुझाव दिया कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं मानवाधिकार संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि पुलिस एवं जनता के मध्य विश्वास और सहयोग का वातावरण विकसित हो सके। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में साइबर अपराध, नशा तस्करी, मानव तस्करी एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे एवं अपराध से दूर रखने हेतु व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की मांग भी उठाई। इसके अतिरिक्त खनन, औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा, रोजगार एवं प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित करने की मांग की। शिक्षा एवं जागरूकता के क्षेत्र में NHRCCB ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र मानवाधिकार विभाग स्थापित करने तथा मानवाधिकार विषय में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया। साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में मानवाधिकार सेल गठित कर मानवाधिकार संरक्षण एवं छात्र अधिकारों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। ज्ञापन में राज्य के प्रत्येक जिले में जिला मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ की स्थापना की मांग भी शामिल थी, जिससे जिला स्तर पर मानवाधिकार शिकायतों का त्वरित समाधान एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया जा सके। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि NHRCCB का दृढ़ विश्वास है कि मानवाधिकार केवल संवैधानिक एवं कानूनी विषय नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, सुशासन, सामाजिक न्याय एवं मानवीय गरिमा की मूल आधारशिला हैं। संगठन राज्य सरकार, प्रशासन, पुलिस विभाग, विश्वविद्यालयों एवं नागरिक समाज के साथ समन्वय स्थापित कर मानवाधिकार संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में सकारात्मक एवं रचनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया कि ज्ञापन में उल्लिखित विषयों पर आवश्यक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएं ताकि राज्य में मानवाधिकार संरक्षण, महिला सुरक्षा, सामाजिक न्याय एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। माननीय राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा प्रस्तुत ज्ञापन को संबंधित स्तर पर विचारार्थ अग्रेषित करने एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। जारीकर्ता : मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) "जन-जन का अधिकार – मानवाधिकार" राष्ट्रीय कार्यालय www.nhrccb.org nhrccbofficial@gmail.com

International Child Protection Day was celebrated today by NHRCCB Nagaon district team at Dakhinpaat Higher Secondary school.

Anima Sarma, member of NHRCCB, Nagaon welcomed all the children, teachers, and other guests. Our legal advisor Dr Sujata Bhattacharya, Principal of Law College, Nagaon spoke on CYBER CRIME and SECURITY in today's time. Dr. Jayashree Pathak, prominent dentist of Nagaon organised a session on PERSONAL HYGIENE and MENTAL HEALTH for school and college students. In today's world, where we want every child to be safe and healthy, sessions like this are very important. Punam Bagaria, member of NHRCCB, Nagaon delivered the vote of thanks, thanking all the guests for giving their valuable time and the students who listened to the session calmly and were attentive throughout the session. Special thanks was towards Ruba Phukan ma'am, Principal of the school, who provided the space for conducting the session in her school.

राष्ट्रीय मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण ब्यूरो असम टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण दिवस पर जागरूकता सभा का आयोजन

दिनांक: 02 जून, 2026 स्थान: गोलाघाट, असम , आज दिनांक 2 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) की असम प्रदेश टीम की तरफ से एक विशेष जागरूकता सभा का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 'अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण दिवस' (International Child Protection Day) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना था। ​यह जागरूकता सभा गोलाघाट स्थित श्री सत्य साईं विद्या विहार स्कूल में आयोजित की गई, जिसमें कक्षा पांचवीं और छठी के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को 'बाल संरक्षण अधिनियम' (Child Protection Act) और 'गुड टच-बैड टच' (Good Touch and Bad Touch) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर संक्षिप्त और प्रभावी रूप से जानकारी दी गई। ​कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ लुकुमोनी गोस्वामी (पूर्व अध्यक्षा, बाल कल्याण समिति, गोलाघाट जिला) ने बच्चों को बहुत ही सरल, सहज और सुलभ तरीके से इन संवेदनशील विषयों को समझाया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे किसी भी असहज परिस्थिति में चुप न रहें और अपने माता-पिता या शिक्षकों से खुलकर बात करें। ​श्री सत्य साईं विद्या विहार के प्रधानाचार्य श्री शुभाशीष राजखोवा जी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा की गई इस अनूठी पहल की भूरि-भूरि सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को ऐसे विषयों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ब्यूरो की पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं और बधाई संदेश भी दिया। ​कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं पदाधिकारीगण: ​इस गरिमामयी कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो निम्नलिखित हैं: ​डॉ. लुकुमोनी गोस्वामी (पूर्व अध्यक्षा, बाल कल्याण समिति, गोलाघाट जिला) - मुख्य अतिथि / वक्ता ​डॉ. ज्योति भूइयां बोरा (पूर्व संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य विभाग, तिनसुकिया जिला) ​श्री शुभाशीष राजखोवा (प्रधानाचार्य, श्री सत्य साईं विद्या विहार) ​श्री संतोष कुमार कानू (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, NHRCCB) ​श्री गुड्डू प्रसाद वर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष, NHRCCB) ​श्री मनीष कुमार गुप्ता (प्रदेश महासचिव, NHRCCB) ​श्री अंबरिश सरमा (मंडलीय उपाध्यक्ष) ​गायत्री बरुआ (जिला अध्यक्ष) ​ज्योतिका दुवरा (जिला महासचिव) ​प्रियम ज्योति दास (जिला मीडिया प्रभारी) ​भारती बरुआ (सक्रिय सदस्य) ​कार्यक्रम के अंत में ब्यूरो की टीम ने स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और बच्चों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन और समन्वय स्थानीय टीम द्वारा बेहद सुचारू रूप से किया गया। धन्यवाद मनीष कुमार गुप्ता प्रदेश महासचिव

NHRCCB के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव की पहल पर जमशेदपुर में उत्पन्न ईंधन संकट का हुआ समाधान

जामशेदपुर, झारखंड , 01 जून 2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्री विनय चंद्रा द्वारा जनहित में उठाई गई शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने जमशेदपुर में उत्पन्न पेट्रोल एवं डीजल संकट का सफलतापूर्वक समाधान किया है। दिनांक 14 मई 2026 को जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों—साकची, बिष्टुपुर, कदमा, मानगो, गोलमुरी एवं सिदगोड़ा सहित कई इलाकों में पेट्रोल एवं डीजल की गंभीर कमी उत्पन्न हो गई थी। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हुई थीं तथा कई स्थानों पर ईंधन की राशनिंग की जा रही थी। इस स्थिति से आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों एवं आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जनहित को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्री विनय चंद्रा ने भारत सरकार के लोक शिकायत पोर्टल (PG Portal) पर शिकायत संख्या GOVJH/E/2026/0003034 दर्ज कर जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। शिकायत में निम्न प्रमुख बिंदुओं को उठाया गया था— • शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी एवं "नो स्टॉक" की स्थिति। • 3 से 4 घंटे तक लंबी कतारों में खड़े रहने को विवश नागरिक। • दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराना। • यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव एवं जाम की समस्या। • एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन पर संभावित खतरा। • कालाबाजारी एवं जमाखोरी की आशंका। • सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों के कारण जन-घबराहट। शिकायत प्राप्त होने के बाद उसी दिन उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, तेल कंपनियों, पेट्रोल पंप संचालकों एवं पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे आपूर्ति श्रृंखला की सतत निगरानी करें तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध कराएं, ताकि कृत्रिम कमी की कोई स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स एवं मीडिया प्रतिनिधियों से भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचने तथा जनता तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने की अपील की गई। जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य एवं निर्बाध रूप से संचालित हो रही है तथा स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है। इस अवसर पर श्री विनय चंद्रा ने कहा— "लोकतंत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाना प्रत्येक जागरूक नागरिक एवं सामाजिक संगठन की जिम्मेदारी है। मुझे प्रसन्नता है कि जिला प्रशासन ने इस गंभीर विषय पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को सामान्य किया। मैं उपायुक्त महोदय, प्रशासनिक अधिकारियों, तेल कंपनियों एवं सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया।" राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) भविष्य में भी जनहित, नागरिक अधिकारों एवं सार्वजनिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदारीपूर्वक उठाता रहेगा तथा प्रशासन एवं जनता के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देता रहेगा। जारीकर्ता: विनय चंद्रा राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)

युवाओं को मानवाधिकार जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी : डॉ. रणधीर कुमार

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा “युवा, नेतृत्व एवं मानवाधिकार : भारत के भविष्य में NHRCCB की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने की। वेबिनार के मुख्य वक्ता एडवोकेट जितेंद्र पुरोहित (प्रदेश विधिक सलाहकार, मध्य प्रदेश) ने कहा कि भारत के युवाओं में अपार क्षमता है। यदि उन्हें मानवाधिकार, संवैधानिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की सही दिशा मिले, तो वे समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने मानवाधिकार जागरूकता, विधिक साक्षरता एवं जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री शंभूनाथ झा ने कहा कि मानवाधिकार केवल अधिकारों की चर्चा नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक गतिविधियों, जन-जागरूकता अभियानों एवं मानव सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है। मानवाधिकार जागरूकता, नेतृत्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से ही एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने NHRCCB की विभिन्न गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं समाज में उसकी सकारात्मक भूमिका पर प्रकाश डाला। वेबिनार में इस बात पर भी चर्चा हुई कि मानवाधिकार संरक्षण केवल सामाजिक न्याय ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास, सामाजिक स्थिरता, उत्पादकता एवं आर्थिक प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। जब समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समान अवसर सुनिश्चित होते हैं, तो देश की विकास दर, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण को भी बल मिलता है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं की भूमिका, स्थानीय स्तर पर मानवाधिकार गतिविधियों के संचालन, नेतृत्व विकास, सामाजिक जागरूकता, टीम निर्माण एवं NHRCCB के माध्यम से उपलब्ध अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि NHRCCB युवाओं को समाज सेवा, नेतृत्व विकास, जनसंपर्क एवं मानवाधिकार जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय समन्वयक प्रभात मिश्रा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं देशभर से जुड़े पदाधिकारियों, सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए मानवाधिकार जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, मानवाधिकार कार्यकर्ता, युवा साथी एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जारीकर्ता राष्ट्रीय कार्यालय राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)

अंतर्राष्ट्रीय बाल संरक्षण दिवस पर NHRCCB द्वारा गुवाहाटी में बाल सुरक्षा एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

गुवाहाटी, 30 मई 2026: अंतर्राष्ट्रीय बाल संरक्षण दिवस के अवसर पर नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) की कामरूप महानगर जिला इकाई ने जागृति ट्रस्ट के सहयोग से दक्षिण बेलटोला एम.ई. स्कूल, कुंडिल नगर (बेलटोला कॉलेज के निकट), गुवाहाटी में एक व्यापक बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को "गुड टच और बैड टच" के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना था। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय श्रीमती बबीता शर्मा 'जिला सचिव, NHRCCB कामरूप महानगर तथा उनकी समर्पित टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री संतोष कुमार कानू (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव) एवं श्री मनीष कुमार गुप्ता (राज्य महासचिव) उपस्थित रहे। असम की गौरवशाली परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान पारंपरिक असमिया गमछा (गामोसा) भेंट कर किया गया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से: • श्री देबो कुमार चेतिया – प्रधानाचार्य, दक्षिण बेलटोला एम.ई. स्कूल • प्रो. रोमन चंद्र देका – कुलपति, कॉटन विश्वविद्यालय • श्री अम्बिका दत्ता – कराटे प्रशिक्षक • श्री दिलीप अग्रवाल – जिला उपाध्यक्ष, NHRCCB • श्री देबाशीष दत्ता – जिला संयुक्त सचिव, NHRCCB • डॉ. जूरी गोस्वामी – सक्रिय सदस्य, NHRCCB कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कॉटन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को "गुड टच और बैड टच" की पहचान एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही नाटक के माध्यम से समाज में बढ़ती नशाखोरी एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सशक्त संदेश देते हुए युवाओं के लिए **नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज** के निर्माण का आह्वान किया गया। विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय के लोगों ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बाल सुरक्षा एवं सामाजिक चेतना के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल बताया। NHRCCB भविष्य में भी बच्चों, महिलाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा जन-जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। श्रीमती बबीता शर्मा जिला सचिव, NHRCCB कामरूप महानगर गुवाहाटी, असम

NHRCCB हरियाणा टीम ने राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला उपायुक्त महोदय, करनाल के मार्फत एक ज्ञापन सौंपा I

नैशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) जिला करनाल की टीम ने बच्चों और किशोरों पर ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहिंदर धानियां और श्री जितेन्द्र बंसल, अध्यक्ष कमिशनरेट, करनाल के नेतृत्व में टीम ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला उपायुक्त महोदय, करनाल के मार्फत एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सशक्त कानून और प्रभावी नीति निर्माण की मांग की गई है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बच्चों और किशोरों को बचाने के लिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान करनाल टीम के सदस्य श्री सुरेश कुमार गिल, श्री राजिंदर कुमार, श्री विजय पाल सिंह और संयुक्त सचिव दीपक सिरोही मौजूद रहे।

डॉ. रणधीर कुमार ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर सख्त कानून की मांग तेज

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 29 अप्रैल 2026 डॉ. रणधीर कुमार ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर सख्त कानून की मांग तेज रांची / नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—विशेषकर ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया—के दुष्प्रभावों को लेकर नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने इस गंभीर विषय पर माननीय राष्ट्रपति महोदया को एक विस्तृत एवं महत्वपूर्ण पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। डॉ. रणधीर कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि “डिजिटल युग में तकनीक का सकारात्मक उपयोग जहां विकास का माध्यम है, वहीं इसका अनियंत्रित और दुरुपयोग समाज, विशेषकर बच्चों और किशोरों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। आज ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जिस प्रकार हिंसात्मक, अश्लील, भ्रामक एवं आयु-अनुपयुक्त सामग्री का प्रसार हो रहा है, वह एक उभरता हुआ राष्ट्रीय संकट है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच के कारण देश के छोटे शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बच्चे और किशोर बिना किसी प्रभावी निगरानी के इन प्लेटफॉर्म्स के संपर्क में आ रहे हैं, जिससे उनके मानसिक, सामाजिक एवं नैतिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बढ़ता खतरा: बच्चों पर गंभीर दुष्प्रभाव पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि ऑनलाइन कंटेंट के अनियंत्रित प्रभाव के कारण बच्चों एवं किशोरों में निम्नलिखित समस्याएं तेजी से उभर रही हैं— मानसिक तनाव, अवसाद एवं चिंता में लगातार वृद्धि आक्रामक एवं असामाजिक व्यवहार का विकास पढ़ाई से दूरी एवं एकाग्रता में गिरावट डिजिटल लत (Addiction) की गंभीर समस्या साइबर अपराधों में संलिप्तता आत्मघाती प्रवृत्तियों में चिंताजनक वृद्धि डॉ. रणधीर कुमार ने इसे “देश के भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी” बताते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में इसके सामाजिक और राष्ट्रीय परिणाम अत्यंत घातक हो सकते हैं। वर्तमान व्यवस्था पर सवाल अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान कानूनी एवं नीतिगत व्यवस्थाएं इस चुनौती का प्रभावी समाधान देने में असफल साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि— डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉनिटरिंग कमजोर है आयु सत्यापन (Age Verification) की व्यवस्था प्रभावी नहीं है कंपनियों की जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय नहीं है दंडात्मक प्रावधान पर्याप्त कठोर नहीं हैं राष्ट्रपति से की गई प्रमुख मांगें नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) ने अपने पत्र के माध्यम से निम्नलिखित ठोस एवं तत्काल कदम उठाने की मांग की है— बच्चों के लिए हानिकारक ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया कंटेंट पर कठोर नियामक नियंत्रण लागू किया जाए। आयु-आधारित कंटेंट वर्गीकरण (Age Rating System) एवं अभिभावकीय नियंत्रण प्रणाली को अनिवार्य बनाया जाए। अश्लील, हिंसक, जुआ-संबंधी एवं भ्रामक सामग्री के प्रसारण पर रोक हेतु सख्त दंडात्मक कानून बनाए जाएं। बच्चों की सुरक्षा हेतु एक व्यापक कानून “बाल डिजिटल सुरक्षा अधिनियम” लागू किया जाए। सभी सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में अनिवार्य लाइसेंसिंग एवं जवाबदेही प्रणाली सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों, अभिभावकों एवं छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल जागरूकता अभियान चलाया जाए। साइबर विशेषज्ञों, बाल अधिकार संगठनों एवं शिक्षा विशेषज्ञों की संयुक्त उच्चस्तरीय समिति गठित कर ठोस नीति एवं कार्ययोजना तैयार की जाए। सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील डॉ. रणधीर कुमार ने अपने पत्र के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया से आग्रह किया है कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएं, ताकि शीघ्र प्रभावी कानून एवं नीतियां लागू की जा सकें। उन्होंने कहा कि “बच्चों का सुरक्षित, स्वस्थ एवं संतुलित विकास ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” राष्ट्रीय कार्यालय नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB)

प्रेस विज्ञप्ति

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि सुश्री आलिया खान द्वारा कुछ कथित गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्तता की सूचना प्राप्त हुई है। इस संदर्भ में स्पष्ट किया जाता है कि आलिया खान पूर्व में संस्था से जुड़ी सदस्य रही हैं, परंतु वर्तमान में उनका NHRCCB से कोई संबंध नहीं है। यह भी अवगत कराना आवश्यक है कि Ref. No: NHRCCB/0029/2025 दिनांक 13 नवम्बर 2025 के अनुसार मार्च 2025 से पूर्व जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए RE-KYC अनिवार्य किया गया था, किन्तु संबंधित व्यक्ति द्वारा यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई NHRCCB एक जिम्मेदार सामाजिक एवं मानवाधिकार संगठन है, जो किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि या अपराध का समर्थन नहीं करता। संस्था कानून एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। – राष्ट्रीय कार्यालय राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB)

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